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FAQ – Frequently Asked Questions

FAQ or Frequently Asked Questions are those Questions which can possibly come to the mind of a viewer while going through the pages of website. The website specifically provides answers to these questions.

F A Q: FOR THE PERSON IN NEED

आपका झूठे केस में फँसना दुखद है। लेकिन कई बार ऐसा हो जाता है।

सबसे पहले आप स्वयं को हमारी वेबसाइट पर रजिस्टर करें

अब आपको हम तक पहुँचने के लिए हमें फोन कॉल करना होगा या ईमेल करना होगा।

इसमें अगला काम होगा कि आप अपनी पूरी फाईल PDF में हमें भेजेंगे और हम अपने विशेषज्ञों जिसमें लॉयर्स, FSL Experts और रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर्स होते हैं, के पास उस फाईल को अध्ययन के लिए भेजेंगे।

यहीं से मुश्किलों का पता चलेगा और यहीं से रास्ता निकलना शुरू होगा।  आपके केस की सही लीगल स्थिति का पता चलेगा। इस केस में जो भी प्रॉब्लम एरियाज़ मिलेंगे उनका समाधान हम निकालकर आपको देंगे।

First of all, Get yourself Registered on the website.

The process of registration is given below in FAQ.

Nothing, In fact. You just have to ensure that you are a defender of a false allegation of Sexual Harassment, Molestation, Rape or similar allegations which you believe that you have not done on your part.

After this you have to contact us, better through WhatsApp message, otherwise through our email.

This is a right beginning to an achievement.

आपकी केस फाईल का अध्ययन

आपकी केस फाईल कई विशेषज्ञों जिनमें फोरैन्सिक के पूर्व अधिकारी, पुलिस के पूर्व अधिकारी, पूर्व जज व अन्य टैक्नोलोजिकल एक्सपर्ट होते हैं। ये विशेषज्ञ आपकी फाइल को पढ़कर उसमें से Points निकालेंगे जिनपर चल कर आपको बचाया जा सकता है। इसके बाद उन Points पर काम शुरू किया जाएगा।

आपकी सहायता

आपको या आपके वकील साहब को तरीका बताया जाएगा। इसके बाद या तो आप और आपके वकील साहब मामले को संभाल लेंगे या यदि आप लोग चाहेंगे तो फोरैन्सिक वाले भाग में हम आप औप वकील साहब की सहायता भी कर सकेंगे। हम स्वयँ भी इसे करवा सकेंगे। लेकिन तब जब आपके वकील साहेब को इसमें मुश्किल ना हो।

All criminal Cases are based on the prosecution case. A copy of the prosecution case is given to the accused/his Lawyer. This contains various documents.

The first thing we at Indian-Legal-System love to do is to receive all of your documents to study them in depth. Your documents will studied by experts of Prosecution, Forensic, Investigation and law.  Hence, you should send all your documents i.e.:

  1. The documents which the authorities claim are against you;
  2. The documents which you think is in your favour, 
  3. Any other document related to the matter in issue.

Any defence based on a single document is better than a defence based on hundred opinions. There are sections 91 & 92 in the Indian Evidence Act which also support this view. The courts have to follow this because this is the Statutory Law.

Be Careful to take mindful protection of all your documents.

हमारा उद्देश्य

हमारा उद्देश्य आपको झूठे आरोप के केस की इस कानूनी समस्या से बाहर निकालना है आपको कलाबाजियों द्वारा चमत्कृत करना नहीं है।

इस समस्या से बाहर आप कोर्ट के माध्यम से ही निकलेंगे। कानून की हर लड़ाई अंतिम रूप से कोर्ट में ही लड़ी जाती है।

लेकिन यदि केस में कोर्ट द्वारा लॉयर को थाने जाने के लिए अधिकृत किया जाता है तो हमारे जो भी लॉयर होंगे वे आपके साथ अवश्य जाएँगे।

You should make pdf of all the pages, reports, statements, MLCs, memos etc. and send that pdf file to the Indian Legal System through your mail to indianlegalsyste100[at]gmail[dot]com.

You should also send a photocopy of the fee for the case study, deposited by you. Thereafter your case will to go to the hands of the best experts of the these area and you will get the best assistance available in this problem.

After Receiving your Case File and Documents we will send it to the concerned experts. They will peruse it and send a report on different aspects of the case e.g. DNA Reports, Blood-Semen Samples, Mobile Reports, CDRs etc.

Then, We will give you all information about your case to you. We will also give the details of the different possibilities those are present in your case.

The Next thing ILS FAQ - Frequently Asked Questions will tell you the steps you should take at present and which are likely to yield in future, because a Trial is not just attending the dates of court. It is something bigger. An advocate visualizes it and keep under his sleeve a card of trump for the last day.

Fee between a client and a lawyer is always a matter of solicitation. It is always confidential. So when someone in need comes to the office of the ILS, the aspect of Fee is discussed there.

However, there is a fixed amount of Registration Fee and Initial File Study Fee for studying the case file of the person in need. After receiving your case file, the same is sent to several experts like Advocates, Experts of Forensic, Voice Recording, CDR, DNA Profiling, Serologist etc.

Their opinions are then combined together by us  and the same is  presented to you. 

इस दुनिया में दृढ़ निश्चय को कोई भी नहीं हरा सकता है। दृढ़ निश्चय के पास हर बात का समाधान है, हर बाधा को पार करने का रास्ता है। जो चला ही नहीं वह पार कैसे जाएगा?

तो मूल प्रश्न फीस का नहीं है वह आपके निश्चय का है कि आपका निश्चय पक्का है या यूँ ही हर साँस के साथ बदलता रहता है।

न्याय पाने की इस जद्दोजहद में निश्चित रूप से  फीस बाधा नहीं बनेगी।

केवल परीक्षा में बैठकर क्या यह हो जाएगा कि पक्का पास हो जाओगे?

उसके लिए आपकी तैयारी, मेहनत और समझ सब मिलकर काम करते हैं। हम आपको इतना भरोसा दिला सकते हैं कि ट्रायल के दौरान ऐसा कोई प्रश्न नहीं होगा जिसका उत्तर कोर्ट आपसे जानना चाहे और आपके पास उस प्रश्न का उत्तर ना हो।

आपकी DNA Report या Mobile Extraction Report या Hand-Writing Expert Report या Computer Hard Drive Extraction Report या अन्य कुछ  भी ऐसा नहीं होगा जिसका कोई भेद आपसे छिपा रहे।

यह आपके खुद सोचने की बात है कि कोर्ट की आपसे व्यक्तिगत दुश्मनी तो नहीं है जो सब उत्तर सही पाने के बाद आपके खिलाफ निर्णय आएगा। अतः आप ऐसी निराशावादी बातों को मन से निकाल कर, पॉज़िटिव सोच के साथ आगे बढ़ो।

निश्चय कर जीत करूँ

अपनी पूरी फाईल और कागजात को PDF में बदलवा लीजिए और हमारे ईमेल एड्रैस पर अटैच करके भेज दीजिए।

याद रखें

इसके साथ ही आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर तथा फाइल स्टडी फीस पेमैंट की रसीद भी लगानी होगी। बिना रसीद के यह फाईल खोली नहीं जा सकेगी और ना ही विशेषज्ञों के पास भेजी जा सकेगी। इसे एक सप्ताह के बाद मेलबॉक्स से परमानैंटली डिलीट कर दिया जाएगा।

वैबसाइट के प्रत्येक पेज के सबसे ऊपर टॉप मेन्यू में CONTACT नाम का टैब है उसे क्लिक करें। वहाँ भी पूरा ब्यौरा दिया गया है।

 

यह आप पर निर्भर है। उचित तो यह है कि आप अपनी फाइल के अध्ययन के बाद मिलें क्योंकि तब हम आपके केस के सभी पहलू को जानते होंगे और आपके केस की परिस्थितियाँ आपको समझा पाएँगे।

लेकिन यदि परिस्थितिवश आपको लगता है कि आज ही मिलना जरूरी है तो मोबाइल पर टाइम नियत कर सकते हैं और मिल सकते हैं। पहले एपॉइन्टमैंट लेना इसलिए जरूरी है कि वह किसी दूसरे का टाइम डिस्टर्ब ना हो।

केस स्टडी के बाद होने वाली मीटिंग कॉम्पलीमैंटरी होगी। इसका कोई अलग से चार्ज नहीं होगा।

इसके अलावा यदि हमारे विशेषज्ञ इस मीटिंग के बाद आपको कोई नोट, समरी, या साराँश देते हैं तो वह भी कॉम्पलीमैंटरी होगा।

हमारा उद्देश्य आपको सपोर्ट करना है और पूरा सपोर्ट सिस्टम प्रस्तुत करवाना है। यदि आपको लगता है कि आपके केस में किसी सामाजिक प्रदर्शन की जरूरत है तो हम आपको उन संगठनों का पता दे सकते हैं जो Issue – Based – Support देते हैं। यहाँ से आगे मामला आपके और उनके बीच होगा हमारा इसमें कोई रोल नहीं होगा।

लेकिन इसमें एक सलाह होगी कि आपको कानूनी न्याय चाहिए जोकि कोर्ट्स के द्वारा दिया जाता है। कोर्ट्स को प्रदर्शन आदि से प्रभावित नहीं किया जा सकता है। कोर्ट्स को तो ठोस कानूनी दलील चाहिए। हाँ, कई बार प्रदर्शन से कोर्ट को ऐसा लग सकता है कि उन पर प्रभाव डालने की कोशिश की जा रही है। इससे मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

इच्छा और सोच यह आपका अधिकार है और आपको ही चुनाव करना है कि क्या करें?

Protection of Identity in legal matters is a point of concern and consideration both. The protection of Identity of a woman victim is legally guaranteed under the Indian Penal Code. The discloser of the identity is punishable under law.

So far as the identity of the accused is concerned, it is not protected in general, although there have, lately, been demands that a person should not be maligned until he/she is found guilty. But it is still a demand of people affected by this practice.

However, in appropriate cases, the courts have given protection to the accused persons also that their particulars are not disclosed publicly. For that a separate application is to be moved on well corroborated grounds.

For more questions on the subject please visit the page;  The Issue of Personal Identity – Indian Legal System

रजिस्ट्रेशन के लिए आपको

  1. रजिस्ट्रेसन फीस देनी होगी। इसके लिए पेटीएम, या एकाउंट ट्राँस्फर या बैंक ट्राँस्फर आदि के द्वारा पैमैंट करनी होगी।  
  2. रजिस्ट्रेशन फीस का स्क्रीनशॉट हमें भेजते हुए अपना पूरा नाम, डेट ऑफ बर्थ,  मोबाइल नंबर, ईमेल तथा लोकल स्थानीय पता भेजेंगे।
  3. हम तत्काल आपको आपका रजिस्ट्रेशन नंबर भेज देंगे। 
  4. उसके बाद आप हमेशा अपने रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ ही हमसे संपर्क करेंगे।

For Registration

  1. You have to make payment of Registration Fee through PayTM or Bank Transfer. Necessary information will be given to you.
  2. Along with a screen shot of this Payment of Registration Fee you will send us your name, date of birth, mobile number, email address and the local address.
  3. We will send your Registration number forthwith.
  4. After that you will have to communicate with reference to your registration number. 

आधुनिक जीवन में समय बहुत कीमती हो गया है। एक ही व्यक्ति सब कुछ नहीं कर सकता है। ऐसे में जब वह अपने काम में बिज़ी होता है तो उसे किसी दूसरे काम में लगा देना जहाँ उसका टाइम वेस्ट होता है, गलत है। 

तो हम आपकी ये कानूनी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हैं कि जो कुछ आपकी लीगल जरूरतें हैं उन्हें हम पूरा करते रहेंगे आप अपनी प्रोडक्टिविटी में लगे रहें।

तो इस तरह लीगल प्रहरी आपकी मुश्किलें अपने सिर लेकर आपको मुक्त करते हैं ताकि आप अपना पूरा ध्यान अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में लगा सकें।

आप, आपके कोई अपने, सगे, संबंधी, जानकार अपनी बढ़ती आयु के कारण अपनी गतिविधियाँ पूरी रफ़्तार पर नहीं कर पाते हैं ऐसे में उन्हें एक अटैन्डैंट की जरूरत होती है। 

Elder Care Lawyer ऐसे ही लीगल अटैन्डैन्ट होते हैं जो उस आयु में आपकी सब कानूनी जरूरतों का ध्यान रखते हैं जैसे आपकी विल तैयार करना, आपके टैक्सिस को अपडेट रखना, आपकी सम्पत्ति मैनेजमैंट में सहायता करना आदि।

Elder Care Lawyer उम्र के खिलाफ़ आपके साथी होते हैं।

आप देखते हैं कि लीगल प्रहरी हर आयु में आपके लिए जिम्मेदारी निभाते हैं और Elder Care Lawyer पकी उम्र में आपकी कानूनी देखभाल करते हैं। 

उसूल वही है – आपकी सहायता पूरी लगन से।

आप इसे खुद के लिए अपने किसी प्रिय जन के लिए जानकार के लिए किसी के लिए भी ले सकते हैं।

निश्चित रूप से – हाँ

हर व्यक्ति कहीं ना कहीं बिजी है। आजकल कमाई पूरी नहीं पड़ रही है। उसे बढ़ाने की जरूरत है। 

सब अपने अपने काम में लगें। जहाँ आप ज्यादा प्रोडक्टिव हो सकते हो वही आपका काम है।

तो आप लगें अपने काम में और हमें सौंपें हमारा काम। फिर देखिए सब कुछ होता है – झटपट।

LEGAL CONSULTATION तब ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है जब आप एक से अधिक कानूनी कदम उठाते हैं। और जीवन में आपको एक से अधिक बार कानूनी काम करने ही पड़ते हैं। अतः हर व्यक्ति को LEGAL CONSULTATION अनिवार्य हो जाती है।

कानून की मान्यता है कि आप हर काम पूरी शुद्धता से सटीकता से करते हैं। जबकि आम जीवन में यह संभव नहीं है। 

फिर अलग अलग प्रोसीडिंग में अलग अलग तथ्य आ जाते हैं या तो वकील के परिवर्तन से या फिर मौजूदा हालात की वजह से।

यदि बाद में कानून तथ्यों के इस परिवर्तन को कभी पकड़ ले तो आपके सामने Forgery से लेकर Perjury तक की समस्याएँ आ सकती हैं।

अतः आपकी हर प्रोसीडिंग, हर लेख, हर स्टेटमैंट सब कुछ एक कॉमन जानकार की निगाह से गुजरना जरूरी है। यही जानकार आपका LEGAL CONSULTANT होता है।

Departmental Inquiries

Contact Us without Delay

Address:

103, 104 Aggarwal Chambers, CD Block, Pitampura, Delhi 110034

Call Us:

+91 9910765379

Mail Us:

indianlegalsystem100[at]gmail[dot]com

When you are dragged in a Court Case not because of your fault but because someone is allowed to misuse a law.

Victim of a Bad Judgment: When you are indicted not by a Judgment but by the poor quality of Judgment delivered.

When you are indicted not by a Judgment but by the poor quality of the Judgment. Judge’s ignorance also contributes.

With the growing demand for examination of cellular phones a need has also developed for the guidelines of process. 

Serological Experts misuse the Court System because Defence Counsel,  Prosecutors and the Judges are ignorant.

It is has been proved by Israeli Scientists that fabricated DNA can be prepared and used wherever required.

The question is whether just the presence of matching DNA significant (regardless of whether it came from semen, cells or another body fluid).

Were there ‘legitimate’ opportunities for a DNA transfer

People are equally aggrieved by the Bad Convictions. The best remedy against a Bad Conviction is to challenge it before a superior Court in Appeal / Revision.

The Advocate decides it.

This is a step by step explanation for understanding STRs in DNA fingerprinting. Even a Layman can understand the technical terminology used in those Reports.

Better to read it.

You are made Victim of False Allegation consequent to a greed, revenge, retribution or for trapping you so that your adversary attains another goal. They misuse the Law. And Someone pays for the whole life.