INDIAN LEGAL SYSTEM AGAINST FALSE ALLEGATION Forensics Identification Of Semen on The Spot Part 1

Identification Of Semen on The Spot Part 1

Identification Of Semen on The Spot Part 1

Identification Of Semen on The Spot Part 1

Identification Of Semen on The Spot Part 1

फोरैन्सिक के कोर्ट संबंधी सबसे महत्त्वपूर्ण कामों में से एक होता है – Identification of Semen on the Spot. Identification of Semen on the Spot जितना टैकनीकल है कानूनी रूप से उतना ही आवश्यक भी।

Body-Fluids

जब भी रेप से संबंधित केस दर्ज होता है तो पुलसि मौका ए वारदात से मुलजिम के Body-Fluids इकट्ठा करती है। यदि मौके से मुलजिम का Body-Fluid खासतौर से सीमेन मिल जाए तो प्रोसिक्यूशन द्वारा यही माना जाता है और कोर्ट भी मानता है कि वह ऑफेन्स उसी मुलजिम ने किया है।

FSL Report

ऐसे मामलो में जो FSL Report आती है वह कुछ ऐसे लिखी होती हैः

Identification Of Semen on The Spot Part 1

बस यही रिपोर्ट सब झगड़ों की जड़ बन जाती है। प्रोसिक्यूशन और कोर्ट मानकर चलते हैं कि मुलजिम ने ही यह सब किया है। हमारी अदालतों में Defence Counsel इसे सत्य मान लेते हैं और FSL Witness को सही क्रॉस नहीं करते।

लेकिन यह फाइनल नहीं है।  जो FSL Report में लिखा है वह केवल पहला चरण है। जो सत्य होने का दावा करता है। लेकिन कोर्ट में, Defence Counsel दूसरा चरण शुरू करते हैं – दिखाए गए सत्य में से वास्तविक सत्य को ढूँढने के लिए।

FSL Report का विश्लेषण

इस रिपोर्ट में दो शब्द हैं – Human Semen. और प्रोसिक्यूशन को इन दोनों शब्दों को अलग अलग साबित करना है।

  • पहला है HUMAN और
  • दूसरा है

और तीसरी बात यह साबित करनी है कि ये दोनों वैरिएबल मुलजिम के ही हैं।

Serology Examination

पहली दोनों बातें Serology को साबित करनी हैं कि यह सीमेन है और ह्यूमन सीमेन है। इसके लिए Serology Examination करने होंगे। कौन कौन से Serology Examination करने होंगे यही अगले विडियो में बताऊँगा। उन Examinations को नहीं किया गया होगा तो यह सारी FSL Report कोर्ट में अमान्य हो जाएगी। वही Serology Examination इस FSL Report को कोर्ट में मान्य यानी Admissible बनाते हैं। इन Examinations के ना होने से सम्पूर्ण FSL Report कोर्ट में Inadmissible हो जाती है।

अगली बात कि यह Body-Fluid आपका है यह बात DNA Analysis को साबित करनी है। इसके लिए वह आपके Genes का अध्ययन करेगा। Genes के कई वैरिएन्ट होते हैं जिन्हें Alleles कहते हैं। ये Alleles ही आखिरकार यह तय करते हैं कि यह Body-Fluid किस व्यक्ति का है। लेकिन उसमें भी एक Catch है। यदि उस Catch की जरूरत पूरी नहीं की गई तो कोर्ट में आपकी DNA Report भी अस्वीकृत हो सकती है। उस Alleles Examination के कैच के बारे में Alleles की विडियो में बात करेंगे।

Difference of Serology & DNA Analysis

संभवतः इससे आपको Serology तथा DNA Analysis का अंतर भी पता लग गया होगा। Serology Examination स्थूल रूप से यह पता लगाता है कि मौका ए वारदात से कौन सा Body-Fluid मिला है और DNA Analysis यह पता लगाता है कि वह Body-Fluid में किस व्यक्ति के Genes हैं या Alleles हैं।

अगली पोस्ट में Semen Verification के लिए आवश्यक तीन स्तरों वाले टैस्ट की चर्चा करेंगे।

 

 

 


  1. Steps to take when facing False Accusation

Identification Of Semen on The Spot Part 1